RBI Monetary Policy in hindi 2022 - Repo rate kya hota hain

RBI Monetary Policy in hindi

RBI Monetary Policy meeting updates: वित्त वर्ष 2022-23 की पहली मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक में एकबार फिर से रेपो रेट को बरकरार रखने का फैसला लिया गया है. यह लगातार 11वीं दफा है जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट को बरकरार रखा है. इस समय रेपो रेट 4 फीसदी है

 

RBI Monetary Policy 2022 - 23



Repo rate kya hota hain (रेपो रेट क्या होता हैं)

 

रेपो रेट (Repo Rate)
बैंक हमें कर्ज देते हैं और उस कर्ज पर हमें ब्याज देना पड़ता है। ठीक वैसे ही बैंकों को भी अपने रोजमर्रा के कामकाज के लिए भारी-भरकम रकम की जरूरत पड़ जाती है और वे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से कर्ज लेते हैं। इस ऋण पर रिजर्व बैंक जिस दर से उनसे ब्याज वसूल करता है, उसे रेपो रेट कहते हैं।


बैंक रेपो रेट क्या है? (Bank repo rate kya hota hain)

 

रेपो रेट वह इंट्रेस्ट रेट होता है जिस दर पर कमर्शियल बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से उधार लेते हैं. रिवर्स रेपो रेट वह इंट्रेस्ट रेट होता है जिस दर पर रिजर्व बैंक बैंकों से पैसा वापस लेता है. बता दें कि रेपो रेट पर बैंक को लोन तो मिलता है लेकिन उसे सिक्यॉरिटीज जमा करनी होती है.


Monetary samiti ke Chairman kon hain. (मोनेटरी समिति के अध्यक्ष कौन हैं)


मौद्रिक नीति समिति (MPC):
RBI गवर्नर इसके पदेन अध्यक्ष के रूप में। मौद्रिक नीति (RBI Monetary Policy ) का प्रभारी डिप्टी गवर्नर। केंद्रीय बोर्ड द्वारा नामित बैंक का एक अधिकारी। केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त तीन व्यक्ति।


Reserve bank monetary kitani baar jaari karta hai (भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति वर्ष में कितनी बार जारी की जाती है?)

 

भारतीय बैंक RBI के अनुसार मौद्रिक नीति (RBI Monetary Policy) समिति की बैठकें हर साल 4 बार आयोजित की जाती हैं और प्रत्येक बैठक के बाद निर्णय प्रकाशित किए जाते हैं। यह RBI Monetary Policy लिए एक बहोत अच्छा है।


मौद्रिक नीति समिति का गठन कब हुआ? (Monetary committee ka gathan kab hua )

 

RBI Monetary Policy समिति भारत सरकार द्वारा गठित एक समिति है जिसका गठन ब्याज दर निर्धारण को अधिक उपयोगी एवं पारदर्शी बनाने के लिये 27 जून, 2016 को किया गया था। 

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